प्रधानमंत्री पोषण योजना 2021| PM poshan yojana- Benefits

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जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं सन 1995 में मिड डे मील योजना का शुभारंभ किया था। जिसके अंतर्गत स्कूल में पढ़ रहे छोटे बच्चों को पोषक भोजन खाने के लिए दिया जाता है। यह स्कीम काफी सालों से हमारे देश में चल रही है लेकिन अब इस योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री पोषण योजना 2021 कर दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के द्वारा pm poshan yojana को अगले 5 सालों तक लागू किया गया है। आज हम आपको योजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे।

Highlight point प्रधानमंत्री पोषण योजना

योजना का नाम प्रधानमंत्री पोषण योजना
प्राचीन नाम मिड-डे-मील
शुरुआत किसने की केंद्र सरकार
लाभार्थी सरकारी और सह- सरकारी स्कूल के बचो के लिए
उद्देश्य छात्रों को अच्छा भोजन प्रदान करना
कुल खर्च 11.31 लाख करोड़
योजना कितने समय तक अगले 5 साल तक
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Pradhanmantri Poshan Yojana क्या है

पीएम पोषण योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अध्यक्षता में हुई एक कैबिनेट बैठक में इस योजना को लागू कर दिया गया है। प्रधानमंत्री पोषण योजना 2021 को अगले 5 सालों तक लागू किया गया है जिसके अंतर्गत केंद्र सरकार 1.31 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस योजना के अंतर्गत 11.5 लाख सरकारी स्कूलों के करीब 11.80 करोड़ बच्चों को लाभ मिलेगा।

अब इस योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों और किसान संगठन से ही कर रखने पर जोर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री पोषण योजना 2021 के तहत अगर राज्य अपने स्थानीय सब्जी या कोई अन्य पौष्टिक भोजन जैसी कोई चीज शामिल करना चाहते हैं तो वह केंद्र सरकार से मंजूरी ले सकते हैं लेकिन यह आवंटित बजट में ही होना चाहिए। मिड डे मील योजना के अंतर्गत अगर कोई भी राज्य अतिरिक्त वस्तु शामिल करते थे तो उन्हें खुद लागत लगानी पड़ती थी।

प्रधानमंत्री पोषण योजना 2021

प्रधानमंत्री पोषण योजना पर कुल खर्च

प्रधानमंत्री कौशल योजना अगले 5 सालों के लिए लागू की गई है इसके अंतर्गत सरकारी और सह- सरकारी स्कूल के छत्राओं को भोजन प्राप्त किया जाएगा। जिस पर 11.31 लाख करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा 54061.73 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा 31,733.17 करोड रुपए प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा केंद्र खाद्यान्न पर लगभग 45000 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे।

मिड डे मील से क्या अलग है

सन 1995 में मिड डे मील योजना की शुरुआत की गई थी। जिसके अंतर्गत प्राथमिक स्कूल के छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना था। जिसके अंतर्गत अभी तक सरकारी और से सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्रों को दोपहर में गर्म भोजन दिया जाता है। लेकिन प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत प्री-स्कूल यानी नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्रों को भोजन दिया जाएगा।

Pradhanmantri poshan yojana का मुख्य उद्देश्य

प्रधानमंत्री पोषण योजना का मुख्य उद्देश्य यह है जिसका मकसद बच्चों को अच्छा भोजन मुहैया करवाना है। जैसा की आप सभी लोग जानते हैं कि अपने परिवार को तो वक्त का खाना देने में असमर्थ हैं जिसके कारण इन परिवारों के बच्चों का मानसिक विकास नहीं हो पाता है। इस प्रकार सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत भोजन उपलब्ध कराया जाता हैं और सबसे बड़ा उद्देश्य है यह है कि यह योजना शिक्षा से जुड़ी हुई है।

प्रधानमंत्री पोषण योजना के लाभ

  • इस योजना के अंतर्गत स्कूल में खाना मिलने के कारण परिवार वाले अपने बच्चों को स्कूल भेज देते हैं। जिससे बच्चे की रोजाना स्कूल में उपस्थिति बनी रहती है।
  • केंद्र सरकार ने पीएम पोषण योजना को शुरू करने का उद्देश्य बताया है कि हमारे देश में बहुत से परिवार ऐसे हैं जो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं । इस योजना के अंतर्गत बच्चों को स्कूल में ही गर्म भोजन दिया जाता है।
  • इस योजना के लागू होने से शिक्षा के स्तर को बढ़ावा मिला है।
  • इस योजना के अंतर्गत बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे ।
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